महाराष्ट्र की 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर ने बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करते हुए मैराथन में शानदार जीत हासिल की. साधारण साड़ी और चप्पलों के साथ दौड़ में उतरीं रमाबाई ने चप्पलें उतारकर नंगे पैर दौड़ लगाई और युवा धावकों को पीछे छोड़ दिया. अंबाजोगाई में खाना बनाने का काम करने वाली रमाबाई ने 3000 रुपये का पहला पुरस्कार जीता. उनकी मेहनत और जिद ने पूरे इलाके को प्रेरित किया.