वियतनाम में स्पीडबोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीर मुंबई लाए गए हैं। लावा इंटरनेशनल ने मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख र …और पढ़ें
वियतनाम नाव हादसा। (File Photo)
वियतनाम नाव हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों के शव मुंबई पहुंचे।
लावा इंटरनेशनल ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये सहायता दी।
हादसे में घायल एक भारतीय पर्यटक की हालत अब भी गंभीर।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। वियतनाम के फू क्वेक द्वीप के पास स्पीडबोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के पार्थिव शरीर सोमवार देर रात विशेष विमान से मुंबई लाए गए। वियतनाम एयरलाइंस की विशेष उड़ान (वीएन-979) हो ची मिन्ह सिटी से छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंची।
मृतकों में 10 तमिलनाडु, तीन आंध्र प्रदेश और दो केरल के निवासी थे। पार्थिव शरीरों को उनके गृह राज्यों के लिए भेजा जा रहा है। वहीं, एक पर्यटक की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज हो ची मिन्ह सिटी के अस्पताल में चल रहा है।
यह हादसा शुक्रवार को उस समय हुआ था, जब 32 भारतीय पर्यटकों और चार स्थानीय क्रू सदस्यों को लेकर जा रही स्पीडबोट फू क्वेक के एन थोई द्वीप समूह के पास अचानक पलट गई। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
गंभीर रूप से घायल 49 वर्षीय पर्यटक के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा है, मस्तिष्क में रक्तस्राव हुआ है और उसका इलाज जारी है। भारतीय दूतावास उसके इलाज की निगरानी कर रहा है। हादसे में शामिल पर्यटक भारतीय स्मार्टफोन कंपनी लावा इंटरनेशनल के प्रायोजन पर वियतनाम गए थे।
कंपनी ने मृतकों के स्वजनों को 25-25 लाख रुपये की मानवीय सहायता देने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार, उसके 86 कर्मचारी और बिजनेस पार्टनर इस यात्रा पर गए थे। अधिकांश लोग भारत लौट आए हैं, जबकि कुछ लोग वियतनाम में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए रुके हुए हैं। कंपनी ने कहा कि वह वियतनामी प्रशासन और भारतीय दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है।
बचे हुए पर्यटकों ने वियतनाम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि हादसे के समय मौके पर न पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था थी और न ही प्रशिक्षित बचावकर्मी मौजूद थे। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों और साथियों ने स्वयं सीपीआर देकर दो लोगों की जान बचाई।
उनका कहना है कि समय पर विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता मिलती तो और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। वियतनाम सरकार ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक आशंका है कि ऊंची लहरों और संभावित ओवरलोडिंग के कारण स्पीडबोट असंतुलित होकर पलट गई।