सपा का प्रतिनिधिमंडल आज जाएगा बरेली, प्रशासन अलर्ट मोड पर… भारी पुलिस बल तैनात – AajTak

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समाजवादी पार्टी (SP) का 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को बरेली जाने की तैयारी में है. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सपा के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे करेंगे. हालांकि, बरेली प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी राजनैतिक व्यक्ति को जिले में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. इस स्थिति में सपा नेताओं को उनके घरों या रास्ते में रोकने की संभावना जताई जा रही है.
सपा का यह प्रतिनिधिमंडल बरेली में हाल के घटनाक्रमों, विशेष रूप से सामाजिक और कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का जायजा लेने के लिए जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, सपा नेताओं का उद्देश्य स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनना है. माता प्रसाद पांडे ने कहा, ‘हम शांतिपूर्ण तरीके से बरेली जाकर जनता की आवाज उठाना चाहते हैं. यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है.’ उन्होंने प्रशासन के रुख को अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को रोकना संविधान के खिलाफ है.
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दूसरी ओर, बरेली प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में किसी भी राजनैतिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती है. जिला प्रशासन का तर्क है कि इससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘हमने सभी राजनैतिक दलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बरेली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. यह निर्णय जनहित और शांति बनाए रखने के लिए लिया गया है.’ सपा ने प्रशासन के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है.
समाजवादी पार्टी के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘यह लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश है। हम बरेली की जनता के साथ खड़े हैं और उनके हक के लिए लड़ते रहेंगे.’ सपा ने चेतावनी दी है कि यदि उसके नेताओं को बरेली जाने से रोका गया, तो वे धरना-प्रदर्शन पर बैठेंगे. इस बीच, पुलिस और प्रशासन ने बरेली के प्रवेश मार्गों पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है. बता दें कि सांप्रदायिक तनाव फैलाने के लिए भीड़ जुटाने के आरोप में मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी के बाद बरेली में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है.
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बरेली में क्या हुआ था?
उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया. यह प्रदर्शन इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा के आह्वान पर हुआ, जिन्होंने लोगों से नमाज के बाद  इकट्ठा होने और सड़क पर उतरने का आह्वान किया था. प्रदर्शनकारी प्रोटेस्ट मार्च निकालने और जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के लिए नौमहला मस्जिद के पास जमा हुए. पुलिस ने इस प्रोटेस्ट मार्च के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने का हवाला देकर बैरिकेडिंग लगाई थी. 
भीड़ बेकाबू हो गई और बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने लगी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को ति​तर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया. इसे पूर्वनियोजित साजिश बताते हुए पुलिस ने तत्काल कदम उठाए. मौलाना तौकीर रजा सहित 55 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए. बरेली के बाहर से आए लोगों जैसे- इदरीस, इकबाल और ताजिम को पुलिस ने हाफ एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया. 1700 अज्ञात लोगों पर दंगा भड़काने, पुलिस पर हमला करने आदि धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए हैं. बरेली में कई दिनों तक इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं. आरोपियों से जुड़े अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया गया.
 
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