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राजस्थान के जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अब एक रहस्यमयी पहेली बनती जा रही है. 28 जनवरी को हुई इस मौत को लेकर अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह प्राकृतिक थी या इसके पीछे किसी साजिश का हाथ है. रविवार को इस मामले में जांच और तेज हो गई, जब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने एक बार फिर परिजनों से लंबी पूछताछ की है.
एसीपी कार्यालय में डीसीपी, एडीसीपी और SIT प्रमुख छवि शर्मा की अगुवाई में करीब तीन घंटे तक पूछताछ चली. इस दौरान साध्वी प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ, मामा गंगाराम और आश्रम के केयरटेकर सुरेश से सवाल-जवाब किए गए. जांच का सबसे अहम बिंदु साध्वी के मोबाइल फोन बने हुए हैं. दो आईफोन और एक सैमसंग फोन के पासवर्ड को लेकर पूछताछ की गई.
हैरानी की बात यह रही कि पिता वीरमनाथ बार-बार पासवर्ड बताने से इनकार करते रहे. इसी इनकार के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं. क्या इन मोबाइल फोन में साध्वी की मौत से जुड़ा कोई अहम सुराग छिपा है. क्या किसी तरह की साजिश या दबाव की जानकारी फोन में मौजूद है. SIT इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने में जुटी है.
इससे पहले रविवार सुबह एफएसएल की टीम एक बार फिर आरती नगर स्थित आश्रम पहुंची. टीम ने मौके से कुछ और सैंपल जुटाए. वहीं पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान भी आश्रम पहुंचे और SIT प्रमुख छवि शर्मा और उनकी टीम के साथ करीब 20 मिनट तक चर्चा की. इसके बाद औपचारिक पूछताछ का सिलसिला शुरू हुआ.
SIT प्रमुख छवि शर्मा ने बताया कि जांच से जुड़े कुछ पहलुओं को दोबारा समझना जरूरी था. इसी वजह से परिजनों और केयरटेकर से फिर सवाल किए गए. वहीं पिता वीरमनाथ का कहना है कि पुलिस ने जो भी पूछताछ करनी थी, वह हो चुकी है. उन्होंने पूरा घटनाक्रम बता दिया है. उनका दावा है कि मोबाइल पहले से पुलिस के पास हैं.
वीरमनाथ ने यह भी कहा कि साध्वी को पहले से हल्की खांसी की शिकायत रहती थी. उन्होंने बेटी के लिए न्याय की मांग दोहराई. सीसीटीवी कैमरों को लेकर उन्होंने बताया कि आश्रम में वायरिंग पहले से थी, लेकिन कैमरे लगाए नहीं गए थे. पूछताछ के बाद पिता वापस अपने गांव के लिए रवाना हो गए.
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