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श्रीलंका के खिलाफ ट्राई सीरीज के फाइनल में इंडिया-ए के सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले से जमकर कहर बरपाया. रविवार (21 जून) को दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में हुए इस मैच में वैभव ने 10 चौके और 8 छक्के की मदद से सिर्फ 29 बॉल पर 94 रन कूट डाले. वैभव ने महज 11 गेंदों पर फिफ्टी पूरी की, जो लिस्ट-ए क्रिकेट में किसी बल्लेबाज की सबसे तेज फिफ्टी रही. वैभव श्रीलंकाई कप्तान सहान अराचिगे की गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की कोशिश में आउट हुए.
खैर, जो भी हो वैभव सूर्यवंशी ने बता दिया है कि वो बड़े मंच पर दबाव नहीं लेते हैं, बल्कि प्रदर्शन कर दिखाते हैं. हालिया प्रदर्शन बताते हैं कि ‘बेबी बॉस’ वैभव का बल्ला बड़े मुकाबलों में जमकर बोलता है. बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव ने अपनी ‘बिग मैच प्लेयर’ वाली पहचान को और मजबूत कर दिया है. वैभव की तूफानी पारी के दम पर भारतीय टीम ने 9 विकेट पर 377 रनों का स्कोर खड़ा किया. जवाब में श्रीलंकाई टीम 311 रन ही बना सकी और उसे 66 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा.
50 off 11. Fastest List A fifty ever. 🤯
And somehow, Vaibhav Sooryavanshi keeps making “unbelievable” feel normal.
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इस साल अंडर-19 विश्व कप फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रनं की ऐतिहासिक पारी थी, जिसमें 15 छक्के और 15 चौके शामिल रहे. वैभव की उस इनिंग्स के दम पर इंडिया अंडर-19 टीम ने विश्व कप ट्रॉफी उठाई थी. फिर IPL (इंडियन प्रीमियर लीग) 2026 के एलिमिनेटर में वैभव ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 12 छक्के और 5 चौके की सहायता से 29 बॉल पर 97 रन बना डाले थे.
इसके बाद गुजरात टाइटन्स (GT) के खिलाफ क्वालिफायर-2 में वैभव सूर्यवंशी का बल्ला चला था और उन्होंने 47 बॉल पर 96 रन बनाए थे. हालांकि ये अलग बात रही कि राजस्थान रॉयल्स (RR) को क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटन्स ने 7 विकेट से हरा दिया था, जिसके चलते वैभव आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला नहीं खेल पाए.
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आईपीएल 2026 में फाइनल ना खेलने की निराशा को वैभव ने ट्राई सीरीज में दूर किया और खिताबी मुकाबले में विस्फोटक पारी खेल डाली. वैभव की ये पारियां महज संयोग नहीं, बल्कि उस खिलाड़ी की पहचान है जो बड़े मुकाबलों में अपनी टीम की जिम्मेदारी उठाना जानता है. फाइनल और नॉकआउट मैचों में उनकी सफलताएं बता रही हैं कि वह सिर्फ प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच के दबाव को संभालने वाले खिलाड़ी भी हैं. जब दांव पर ट्रॉफी होती है, तब उनका बल्ला और ज्यादा खतरनाक हो जाता है.
त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया. उन्होंने विपक्षी गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया और शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए. हालांकि वह तीन अंकों तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उनकी 94 रनों की पारी मैच की सबसे अहम इनिंग्स में से एक साबित हुई.
वैभव सूर्यवंशी इस ट्राई सीरीज के दौरान शुरुआती चार मैचों में कुल 117 रन बना पाए थे. लेकिन जब फाइनल की बारी आई, तो उन्होंने अपना बेस्ट दिया. वैभव अब बढ़े आत्मविश्वास के साथ आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे पर जाएंगे. वैभव का इंटरनेशनल डेब्यू आरलैंड दौरे पर ही होने की संभावना है, जहां भारतीय टीम को 2 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेलने हैं.
महज 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव लगातार बड़े मौकों पर रन बना रहे हैं, उसने भारतीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर उम्मीदें और बढ़ा दी हैं. उम्मीद है कि वैभव टीम इंडिया के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में भी विस्फोटक आगाज करने में सफल रहेंगे.
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