देहरादून के सेलाकुई में एक महिला को ससुराल वालों ने रूह कंपा देने वाली यातनाएं दी। आरोपियों ने बहू को 10 महीने तक शौचालय में कैद कर के रखा और उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था लेकिन आरोपियों ने उसको नवजात शिशुओं से भी अलग कर दिया। आरोपियों की ओर से लाठियों और बोतलों से उसके प्राइवेट पार्ट्स पर हमला किया गया। पूर्व सैनिक पिता की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पीड़िता का पति केंद्रीय विद्यालय में टीचर है। महिला को खाने में केवल सादे चावल दिए जाते थे।
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दरिंदगी की यह वारदात तब खुलासा हुआ जब महिला के रिटायर्ड फौजी पिता ने सोमवार शाम को शहर के सेलाकुई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने सबसे पहले 26 मई को अपनी बेटी को ससुराल वालों के चंगुल से आजाद कराया और उसके बाद जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला के पिता ने सेना में 33 साल की सेवा दी है। वह हवलदार पद से रिटायर हुए हैं। पिता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने शादी के एक साल बाद से ही बेटी को टार्चर करना शुरू कर दिया था।
पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी की शादी 2024 में केंद्रीय विद्यालय के एक टीचर से की थी। लड़का अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। शादी एक बिचौलिए के मार्फत तय की गई थी। शुरू में लगा कि लड़का टीचर है और परिवार अच्छा है। लेकिन कुछ ही महीनों बाद भ्रम टूट गया। मेरी बेटी को उसकी सास बिना किसी वजह के टार्चर करती थी। पिछले साल फरवरी में बच्ची की जुड़वां संतानें हुईं। इसके बाद उसे और ज्यादा टार्चर किया जाने लगा।
पुलिस में दी शिकायत में कहा गया है कि महिला के प्राइवेट पार्ट्स पर भी बॉटल्स और डंडों से हमला किया गया। महिला के नवजात बच्चों को भी उससे अलग कर दिया गया। बेटी को उसके बच्चों को दूध पिलाने की भी इजाजत नहीं दी जाती थी। उसको जुलाई 2025 से मई 2026 तक एक कमरे और शौचालय में बंद रखा जाता था। इस दौरान उसको खाने के लिए केवल सादे चावल प्याज और हरी मिर्च दी जाती थी। पिता ने आरोप लगाया कि जब भी वह बेटी से बात करने के लिए उसके ससुराल वालों को फोन करते थे तो वे बताते थे कि वह सो रही है या नहा रही है। पुलिस ने पिता की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच कर रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
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