Kerala Budget 2026: केरल सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के संशोधित बजट में पर्यटन क्षेत्र को केंद्र में रखते हुए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की है. राज्य सरकार का मानना है कि पर्यटन केवल राजस्व का स्रोत नहीं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है. इसी सोच के तहत पर्यटन क्षेत्र के लिए 325.36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने बजट पेश करते हुए संकेत दिया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे. अगर ये प्रस्ताव लागू होता है, तो पर्यटन से जुड़े कारोबारों को वही सुविधाएं और प्रोत्साहन मिल सकेंगे जो अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को दिए जाते हैं. इससे होटल, रिसॉर्ट, होमस्टे और पर्यटन सेवाओं में निवेश बढ़ने की संभावना है.
बजट में अलप्पुझा जिले के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा की गई है. यहां पुराने पर्यटन ढांचे के आधुनिकीकरण के साथ हाउसबोट संचालन को ज्यादा व्यवस्थित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर जोर दिया गया है. पर्यटन गतिविधियों से निकलने वाले कचरे के निपटान के लिए आधुनिक वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की भी योजना बनाई गई है. इसके अलावा धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ते हुए एक नया तीर्थ पर्यटन सर्किट विकसित किया जाएगा, जिससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी.
राज्य सरकार ने इको-टूरिज्म को भी प्राथमिकता दी है. पथिरामनल द्वीप को एक प्रमुख पर्यावरण पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है. यहां बेहतर बुनियादी ढांचे के साथ पर्यटकों की पहुंच आसान बनाने के लिए नई सुविधाओं का विकास किया जाएगा. सरकार का मकसद प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है.
केरल की ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने के लिए मुजिरिस पर्यटन परियोजना का विस्तार भी प्रस्तावित है. इस परियोजना के तहत ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण, संग्रहालयों के विकास और पारंपरिक जलमार्गों के जरिए पर्यटन अनुभव को समृद्ध बनाने पर काम किया जाएगा. सरकार का मानना है कि विरासत पर्यटन के माध्यम से राज्य वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है.
पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘ग्रीन मार्शल’ कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. इस योजना के तहत महिलाओं को प्रशिक्षित कर प्रमुख पर्यटन स्थलों पर तैनात किया जाएगा. वे पर्यटकों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन के प्रति जागरूक करेंगी. ये पहल महिला सशक्तिकरण और पर्यटन विकास दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने की कोशिश है.
बजट में ग्रामीण पर्यटन, कृषि पर्यटन, मैंग्रोव पर्यटन और सामुदायिक पर्यटन जैसे नए क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है. सरकार चाहती है कि पर्यटन का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों और स्थानीय समुदायों तक भी पहुंचे. इसी उद्देश्य से सांस्कृतिक और सामुदायिक पर्यटन हब स्थापित करने की योजना बनाई गई है.
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हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक… तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी … और पढ़ें
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