नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सड़क से लेकर संसद तक राजनीति गरमाई हुई है. जंतर-मंतर पर सीजेपी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर अड़ी हुई है. इस बीच केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि छात्र जहां चाहएंगे सरकार वहां बातचीत के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि बातचीत से ही समस्या का समाधान होगा.
जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘सरकार की तरफ से आंदोलन कर रहे छात्रों से एक अपील करना चाह रहा हूं. सरकार की ओर से हम चर्चा के लिए हर समय तैयार हैं. सरकार के दरवाजे खुले हैं. हम छात्रों को कहना चाहते हैं कि आप कभी भी चर्चा करना चाहें आपकी सुविधानुसार हम चर्चा के लिए तैयार हैं. आंदोलन के अलावा दूसरे विषय को लेकर भी सरकार चर्चा के लिए तैयार रहेगी.’
उन्होंने कहा, ‘छात्र चर्चा के लिए जितना समय मांगेंगे हम देने के लिए तैयार हैं. चर्चा में देश के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और उनके साथ में भी रहूंगा. धीरे-धीरे हम चर्चा करके समाधान की तरफ बढ़ सकते हैं और समाधान से ही नया रास्ता भी निर्धारित हो सकता है. जहां भी आप कहें… चाहे आप जेपी नड्डा के आवास पर कहें या आप कहें ऑफिस में तो वहां चर्चा हो सकती है. हमारे लिए ये प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है. छात्रों और उनके प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए सरकार की तरफ से चार बार प्रस्ताव जा चुका है. ‘
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘पीएम मोदी इस मामले को लेकर खुद संवदेनशील हैं. उन्होंने सुबह अपने कथन में कहा कि सर्वाधिक प्राथमिकता वह युवाओं के हितों को देते हैं. इसी से प्रेरित होकर उन्होंने ये निर्णय लिया कि जितने पर पेपरलीक के दोषी पाए जाएंगे उन्हें फ्रस्ट ट्रैक के माध्यम से सजा दी जाएगी ताकि जल्दी निर्णय हो. मैं एक बार फिर बड़ी विनम्रता से आपसे अपील करता हूं कि आइए बैठिए चर्चा कीजिए और इस मुद्दे पर इमानदारी से एक रास्ता खोजें.’
इससे पहले कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया था कि हमने सरकार के सामने अपना मांगें रख दी है. अगर उन्हें अब बात करनी है तो उन्हें खुद जंतर-मंतर आना होगा. सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री के आवास पर बातचीत करने से इनकार कर दिया. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘सीजेपी प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार हर वक्त बातचीत को तैयार है, लेकिन बातचीत या तो जेपी नड्डा के घर पर या मंत्रालय में हो सकती है. बाकी कहीं बातचीत का औचित्य नहीं बनता है. कल से अब तक चार बार बातचीत का न्योता दिया गया है, लेकिन उनकी तरफ से जवाब नहीं आया.’
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