ट्रांसफार्मर की सर्विसिंग व विद्युत ऑडिट की मांग – Hindustan

सीतामढ़ी। सदर अस्पताल में लगातार दो दिनों तक बिजली से जुड़ी घटनाओं के बाद अस्पताल प्रशासन ने विद्युत व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाई है। ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण शॉर्ट सर्किट से अस्पताल में लाखों रुपये के नुकसान के बाद अब अस्पताल प्रशासन ने ट्रांसफार्मर की तत्काल मरम्मत, नियमित सर्विसिंग और पूरे अस्पताल का विद्युत ऑडिट कराने की मांग की है। इस संबंध में सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. मनोज कुमार और अस्पताल प्रबंधक विजय चंद्र झा ने संयुक्त रूप से बिजली विभाग के संयुक्त कार्यपालक अभियंता को पत्र भेजा है। बताया गया कि 9 अगस्त को सदर अस्पताल के गेट एक के पास स्थित ट्रांसफार्मर में खराबी आ गई थी। इसके बाद अस्पताल की एक फेज की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे अस्पताल के विद्युत तंत्र के साथ ऑक्सीजन प्लांट व एसएनसीयू समेत कई महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरण प्रभावित हुए। ऑक्सीजन प्लांट का एक सिलेंडर समेत बिजली के तार जलने वअन्य उपकरणों के खराब होने से अस्पताल को लाखों की क्षति होने की बात सामने आई है।

इससे पहले एसएनसीयू में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण करीब छह घंटे तक अंधेरा रहा था। बिजली संकट के दौरान ऑक्सीजन आपूर्ति भी प्रभावित हुई थी। आपात स्थिति में नवजातों को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे उपचार देना पड़ा था। इस दौरान तीन नवजातों को बेहतर इलाज के लिए रेफर भी किया गया था। घटना के बाद अस्पताल की बिजली और ऑक्सीजन जैसी जीवनरक्षक व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। अस्पताल प्रशासन ने बिजली विभाग से अनुरोध किया है कि अस्पताल परिसर में लगे सभी ट्रांसफार्मरों की नियमित सर्विसिंग कराई जाए। साथ ही विद्युत वायरिंग की स्थिति की जांच के लिए पूरे अस्पताल का विद्युत ऑडिट कराया जाए, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी खामी का समय रहते पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि एसएनसीयू, आईसीयू और ऑक्सीजन प्लांट जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों में निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है। ऐसे में ट्रांसफार्मर और वायरिंग की नियमित जांच एवं रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। इसी को देखते हुए बिजली विभाग से तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।

इधर, अस्पताल प्रशासन के अनुसार बीते दिनों हुई घटना के बाद अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं अब सामान्य हो गई हैं। खराबी को दूर करने के बाद चिकित्सा सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।

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