भारत-नेपाल सीमा पर जयनगर के पास इमिग्रेशन कार्यालय खोलने की मंजूरी मिल गई है। इससे भारतीय, नेपाली और तीसरे देशों …और पढ़ें
अंतराष्ट्रीय सीमा रेलवे ट्रैक व जयनगर रेलवे स्टेशन। (फाइल फोटो)
जयनगर के पास इमिग्रेशन कार्यालय खोलने को मिली मंजूरी।
भारत-नेपाल और तीसरे देशों के नागरिकों की आवाजाही होगी आसान।
जयनगर में पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा।
संवाद सहयोगी, जयनगर (मधुबनी)। भारत-नेपाल सीमा पर जयनगर के रास्ते आवागमन को अब नई सुविधा मिलने जा रही है। जयनगर से सटे नेपाल के ईनरवा रेलखंड के समीप इमिग्रेशन कार्यालय खोले जाने की स्वीकृति मिली है।
इससे भारत और नेपाल के नागरिकों के साथ तीसरे देशों के नागरिकों की आवाजाही भी आसान होगी। विदेशी सैलानियों के लिए रास्ता सुगम होने से जयनगर में पर्यटन और कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इमिग्रेशन कार्यालय शुरू होने के बाद विदेशी नागरिकों को भारत-नेपाल सीमा पार करने में सुविधा होगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। जयनगर की आर्थिक गतिविधियों को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है।
जयनगर-जनकपुर-बिजलपुरा नेपाली रेल सेवा के परिचालन के दौरान सुरक्षा और यात्रियों की जांच को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इमिग्रेशन कार्यालय खुलने से रेल यात्रियों की पहचान और आवश्यक जांच की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। इससे सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होने की उम्मीद है।
जयनगर में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आव्रजन चौकी) खोलने की मांग को लेकर जयनगर चैंबर आफ कामर्स की ओर से गृह मंत्री, विदेश मंत्री समेत अन्य अधिकारियों को पत्राचार किया जा चुका है। हरलाखी के पिपरौन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान चैंबर के प्रतिनिधियों ने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से भी इस संबंध में पहल की मांग की थी।
चैंबर आफ कामर्स के महासचिव अनिल बैरोलिया ने कहा कि जयनगर में इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट बनने से व्यापार को काफी लाभ मिलेगा। विदेशी नागरिकों की आवाजाही सुगम होने से सीमा क्षेत्र में कारोबार और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
इमिग्रेशन कार्यालय नहीं होने के कारण पूर्व में कई विदेशी नागरिक भूलवश भारत और नेपाल की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियों ने दर्जनों विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया था। नए इमिग्रेशन कार्यालय से ऐसी परिस्थितियों को रोकने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।