Banka News: अंगिका भाषा को शैक्षणिक पहचान दिलाने में योगदान देंगे बांका के शिक्षक सुजीत कुमार – Hindustan

Banka News: बांका, नगर प्रतिनिधि। अंगिका भाषा को शैक्षणिक पहचान दिलाने और मातृभाषा आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में जिले के शिक्षक सुजीत कुमार महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जा रहे हैं। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), बिहार, पटना की ओर से अंगिका भाषा का प्राइमर विकसित करने के लिए आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला में उन्हें साधनसेवी के रूप में नामित किया गया है। यह कार्यशाला 2 से 6 नवंबर तक आयोजित होगी। वहीं इस पहल से अंगिका भाषा को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने तथा नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा से परिचित कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। परिषद की ओर से जारी पत्र के अनुसार, इस कार्यशाला में सुजीत कुमार के साथ मुंगेर जिले के टेटिया बम्बर स्थित माध्यमिक विद्यालय, रामचंद्र मंडी के शिक्षक दिलीप कुमार तथा पीएम श्री माध्यमिक विद्यालय, करियावांडी के शिक्षक कुमार आनंद भारती भी अंगिका भाषा के प्राइमर निर्माण में अपनी सहभागिता देंगे। शिक्षकों की यह टीम अंगिका भाषा को शैक्षणिक स्वरूप देने की प्रक्रिया में योगदान करेगी।
अध्यापन के साथ साहित्य और आकाशवाणी से भी जुड़ाव, मातृभाषा के संरक्षण को मिलेगी नई दिशा
गौरतलब है कि, बांका जिले के बड़ी बिषहर निवासी सुरेश प्रसाद यादव और ऊषा देवी के कनिष्ठ पुत्र सुजीत कुमार वर्तमान में प्रोन्नत मध्य विद्यालय, शोभानपुर, अमरपुर में हिंदी विषय के शिक्षक हैं। शिक्षण कार्य के साथ साहित्य सृजन में सक्रिय सुजीत कुमार ने कवि के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। इसके अलावा वे आकाशवाणी भागलपुर में कार्यक्रम प्रस्तोता के रूप में जुड़े हुए हैं। भाषा, साहित्य और संचार के क्षेत्र में उनकी सक्रियता इस कार्यशाला में उनकी सहभागिता को खास बनाती है। अंगिका भाषा के प्राइमर का निर्माण क्षेत्रीय भाषा के संरक्षण और संवर्धन के साथ बच्चों को अपनी मातृभाषा में सीखने-समझने के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम पहल है। स्थानीय भाषा में तैयार शैक्षणिक सामग्री बच्चों के सीखने की प्रक्रिया को सहज बनाने और अपनी भाषाई-सांस्कृतिक विरासत से उनका जुड़ाव मजबूत करने में सहायक हो सकती है। वहीं सुजीत कुमार के इस कार्य के लिए चयनित होने से बांका के शैक्षणिक और साहित्यिक जगत में खुशी है। उनकी सहभागिता से अंगिका भाषा को शैक्षणिक मंच पर आगे बढ़ाने के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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