Live Delhi Restaurant Fire News Updates: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह करीब 8 बजे लगी आग में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है।
Malviya Nagar Delhi Fire News: मालवीय नगर में रेस्टोरेंट में लगी आग। जागरण
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब लेमन ग्रास रेस्टोरेंट आग लग गई।
दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधु शाम को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ घटना का रिव्यू करने के लिए एक हाई-लेवल मीटिंग करेंगे।
इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने भी इस घटना के संबंध में गैर-इरादतन हत्या और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की दूसरी संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की थी।
मालवीय नगर की जिस इमारत में आग लगी है, वह 80 के दशक की बनी हुई है। धीरे-धीरे समय के साथ अवैध तरीके से बिल्डिंग में फ्लोर की संख्या बढ़ती चली गई लेकिन आज तक किसी भी विभाग के किसी अधिकारी ने यहां इंस्पेक्शन करने की जहमत नहीं उठाई।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी घटना पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में लगी भीषण आग में जान गंवाने वाले लोगों की आत्मा की शांति के लिए मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं। आज मालवीय नगर में इतनी बड़ी घटना हो गई। 20 लोगों की मौत की दुखद ख़बर आ रही… दिल्ली में लगातार हो रहे अग्निकांड और मासूम लोगों की मौतें बेहद चिंताजनक हैं।’
सुबह मैं पार्क में टहल रहा था तभी धुंआ निकलता दिखाई दिया। भागकर मौके पर पहुंचा तो देखा कि फर्स्ट फ्लोर से लगाओ हेल्प हेल्प की आवाज लगा रहे थे। एक विदेशी व्यक्ति तभी फर्स्ट फ्लोर से कूदने के चक्कर में लटक गया था। हादसे वाली बिल्डिंग के पीछे बिस्तर बनाने वाली दुकान थी वहां नीचे बिस्तर रखा जिसपर चार लोगों ने कूदकर जान बचाई। यह कहना है प्रत्यक्षदर्शी अश्विन का। उन्होंने करीब 4- 5 लोगों को और लोगों की मदद से रास्ते से जा रही एम्बुलेंस रोककर सबसे पहले अस्पताल पहुंचाया। बताते हैं कि चंद मिनटों में ही आग पूरी तरह बिल्डिंग में फैल गई ।
गुरुग्राम निवासी विवेक, उनकी पत्नी, दो बेटियां और मां सहित बीमार पिता से मिलने आए मौसा, मौसी और मामा इस हादसे का शिकार हो गए। ये जानकारी विवेक के ससुर प्रेम बंसल ने दी। इस घटना में मौसा मिसिंग बताए जा रहे हैं। इनके नाम निम्न हैं-
इनमें मौसाजी मिसिंग हैं, जबकि अन्य सभी की मौत हो चुकी है।
एम्स में 10 दमकलकर्मी भी भर्ती हैं। ये लोग राहत कार्य के समय घायल हुए थे।
चीफ फायर ऑफिसर ने ये भी कहा, ‘उचित वेंटिलेशन या धुएं के निकास के लिए एक भी खिड़की खुली नहीं छोड़ी गई है। आग लगने की स्थिति में, इस तरह से बनी संरचनाएं चिमनी की तरह काम करती हैं। जैसे ही आग लगती है, बंद स्तंभ घने धुएं और तीव्र गर्मी को तुरंत ऊपरी मंजिलों तक धकेल देता है। यह इतनी तेजी से होता है कि अंदर रहने वाले लोग पूरी तरह से अलग-थलग पड़ जाते हैं और उन्हें सुरक्षित बाहर निकलने का समय नहीं मिलता। प्राइम एशिया के साथ बचाव अभियान चलाते समय, हमें तुरंत पता चला कि इमारत में आंतरिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली का पूरी तरह से अभाव था
चीफ फायर ऑफिसर ने ये भी बताया कि तलाशी अभियान के दौरान मैंने इमारत का ऊपर से नीचे तक अच्छी तरह निरीक्षण किया। इमारत में एक तहखाना, एक भूतल और पांच ऊपरी मंजिलें हैं। पूरी इमारत में केवल एक ही लिफ्ट के बगल में एक अकेली सीढ़ी थी और इमारत पूरी तरह से सीलबंद है। सामने का मुखौटा पूरी तरह से ढंका हुआ है और बाथरूम की खिड़कियों सहित हर एक खिड़की को कसकर बंद कर दिया गया है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक ने आगे बताया कि हमने जानकारी जुटाने के लिए विभिन्न अस्पतालों में टीमें भेजी हैं। हमें अभी-अभी मैक्स अस्पताल से जानकारी मिली है। 38 लोग भर्ती हैं, जिनमें से 18 की मौत हो गई है और 20 घायल हैं। हमारे जो लोग वहां मौजूद थे, उन्होंने बताया कि वहां कुछ विदेशी भी थे हमारा एक दमकलकर्मी भी घायल हो गया; उसके हाथ में मामूली चोट आई है।
दिल्ली दक्षिण जिला के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक ने बताया, ‘हमें सुबह 8:50 बजे एक रेस्टोरेंट में आग लगने की सूचना मिली। शुरुआत में 7 वाहन और एक सहायक मंडल अधिकारी को भेजा गया। हालांकि, जैसे-जैसे कॉल बढ़ती गईं, हमने वाहनों की संख्या और अधिकारियों की श्रेणी बढ़ा दी। हमारी टीम के पहुंचने पर, उन्होंने आग बुझाने और तलाशी अभियान चलाया। हमने वहां से 39 लोगों को सुरक्षित निकाला और उन्हें नीरस अस्पताल में भर्ती कराया, कुल पीड़ितों को दो अलग-अलग अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है।’
मैक्स अस्पताल जहां 39 लोग लाए गए थे, वहां के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर, डॉ. संदीप बुद्धिराजा ने कहा, मैक्स में लाए गए लोगों में 18 मृत स्थिति में पहुंचे थे। एम्स में तीन लोग मृत स्थिति में पहुंचे। अब तक कुल 21 लोगों की मौत हुई है। 15 की हालत गंभीर है।
दुर्घटनाग्रस्त इमारत से कुल 74 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। इसमें 39 को मैक्स, 03 को मालवीय नगर हॉस्पिटल और 32 एम्स सहित अन्य अस्पताल भेजे गए हैं।
फ्लोरिश स्टे ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट के ठीक सामने सड़क की दूसरी तरह एक शख्स की गद्दा और चादर बेचने की दुकान है। वह गेस्ट हाउस के सामने सड़क किनारे एस्बेस्टस शीट लगाकर रूई के बने गद्दे बेचता है। आग के दौरान उसके गद्दे बहुत काम आए। गद्दे बेचने वाले शख्स का नाम रियाजुद्दीन मंसूरी है। उसने बताया, आग आठ-साढ़े आठ के बीच लगी। ऊपर पांचवीं मंजिल तक लोग फंसे थे। दुकान का सारा गद्दा निकालकर दोनों तरफ बिछा दिया। चार पांच लोग इस पर कूदे। कुछ को चोट आई है।
यह गेस्ट हाउस दिल्ली सरकारी की बेड एंड ब्रेक फास्ट (बीएनबी) स्कीम के तहत चल रहा था। यह योजना केंद्र सरकार की है, जिसे राष्ट्रमंडल खेल के दौरान वर्ष 2010 में लागू किया गया था। उसके तहत छह कमरों को बीएनबी में स्वीकृति थी। उसे अग्निशमन, एमसीडी या पुलिस से मंजूरी की आवश्यकता नहीं है। दिल्ली में ऐसे 1000 से अधिक प्रतिष्ठानों में बीएनबी है।
जानकारी के अनुसार, पूरा गेस्ट हाउस शीशे से पैक है। आग लगने पर धुंआ इतनी तेजी से फैलना शुरू हुआ कि लोग निकल नहीं पाए। लोगों को शीशा तोड़कर निकाला गया तब तक अधिकतर झुलस चुके थे। तीन महीने पहले हुए पालम अग्निकांड जिसमें 9 लोगों की जान गई थी उसमें भी घर शीशे से ही पैक था जिसके चलते आग तेजी से फैली थी और लोग निकल नहीं पा रहे थे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मालवीय नगर अग्निकांड में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, ‘स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। इस हृदयविदारक त्रासदी में जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’
निगमायुक्त संजीव खिरवार व स्थायी समिति चेयरपर्सन सत्या शर्मा मौके पर पहुंच रही हैं। वहीं महापौर प्रवेश वाही एक सरकारी कार्यक्रम के तहत ऋषिकेश गए हुए हैं। वहां वह मेयर कॉन्फ्रेंस में शिरकत करने गए हैं।
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने मालवीय नगर में आग लगने की घटना पर कहा, ‘लापरवाही के लिए जिम्मेदार इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा।’ वह आगे बोले, सभी जिम्मेदार लोगों को पर कार्रवाई होगी सब्र रखें।
दिल्ली के मालवीय नगर के एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया, हमारा खोज और बचाव अभियान 12:12 पर खत्म हो चुका है। कुल 47 लोगों को रेस्क्यू किया गया है और 21 लोगों की मृत्यु हुई है, 2-3 लोगों की हालत गंभीर है। इमारत के नीचे कोई होटल स्थित है हालांकि अग्निशमन विभाग इस बात की पुष्टि नहीं कर पाया है कि आग लगने के क्या कारण है। आग ग्राउंड फ्लोर से शुरू हुई थी।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, हादसे वाले होटल में आने-जाने का केवल एक ही रास्ता था। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले 21 लोगों में से ज्यादातर विदेशी नागरिक हैं। वहीं, लगभग 26 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें भी विदेशी नागरिकों की संख्या अधिक है। पुलिस इस मामले में गैर-इरादतन हत्या और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
इस रेस्टोरेंट के ऊपर बने गेस्ट हाउस में 6 कमरे की ही परमिशन ली गई थी लेकिन यहां 25 कमरे बनाए गए थे।
एम्स के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 13 मरीज मिले। इनमें से 3 ऊंचाई से गिरे थे और उनकी हालत गंभीर है। इसके साथ ही 10 लोगों को दिल्ली पुलिस ने बचाया था।
मालवीय नगर की हृदयविदारक घटना पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट किया है, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने से कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। सभी शोकाकुल परिजनों को मैं अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि वो राहत और बचाव कार्य में हर संभव योगदान दें। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करता हूं।’
दिल्ली: मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में आग से 21 लोगों की मौत, मरने वालों में ज्यादातर विदेशी
आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में लगी आग की घटना पर कहा, फरवरी के अंदर पालम में आग लगी, 9 लोग जलकर मर गए, सरकार ने कहा जांच करवाएंगे लेकिन जांच की रिपोर्ट 3 महीने बाद भी नहीं आई।
विवेक विहार में आग लगी, फायर ब्रिगेड में पानी नहीं था, लोग मरे। अब 20 से 21 लोग यहां जलकर मरे हैं। सरकार को कहना चाहिए कि हमारी फायर ब्रिगेड लेट पहुंची, हमें इस बात का दुख है। लेकिन सरकार ने अपनी टूलकिट सक्रिय कर दी। जो लोग यहां पर मजबूरी वश बाहर से आए हैं, मजबूरी वश छोटे मकानों और होटलों में रहकर अपने परिवार के लोगों का इलाज करवा रहे हैं आप उल्टा उन्हीं पर दोष मढ़ रहे हैं?
सौरभ ने कहा, सरकार को अपनी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए, सरकार जिम्मेदार अफसरों की जिम्मेदारी तय करे और ठोस कार्रवाई करे तो इस तरह से हादसे रुक सकते हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, ‘मालवीय नगर में हुए इस विनाशकारी आग के हादसे में कई जिंदगियों के नुकसान से बेहद दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करती हूं।’ सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, डीडीएमए, कैट्स एंबुलेंस सेवा और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। रेस्क्यू और राहत अभियान चलाकर कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।
दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। जिन्होंने इस घटना में अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।साथ ही मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
घटनास्थल पर अभी भी राहत और बचाव कार्य जारी है। कमरों में गहन तलाशी ली जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई और न फंसा हो। सभी संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर तैनात हैं और पीड़ितों को हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
धुएं और लपटों के बीच से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में उपचार के लिए भेजा गया है। बेहद दुखद पहलू यह रहा कि डॉक्टरों ने इस हादसे में 21 लोगों को मृत घोषित कर दिया है। इनमें कई की मौत दम घुटने और झुलसने के कारण होने की आशंका जताई जा रही है।
आग की भयावहता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। मौके पर पहुंचीं दमकल की आठ गाड़ियों ने स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं के साथ मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। पुलिस, फायर सर्विस और अन्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों के आपसी समन्वय के चलते एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
पुलिस के अनुसार, कंट्रोल रूम को सुबह करीब 08:48 बजे मालवीय नगर के इस गेस्ट हाउस में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और युद्धस्तर पर बचाव व राहत कार्य शुरू किया। सुबह का वक्त होने के कारण अधिकांश लोग गेस्ट हाउस के कमरों में ही थे, जिससे वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई।
राजधानी के मालवीय नगर इलाके से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। बुधवार सुबह यहां स्थित ‘फ्लरिश स्टे बीएंडबी’ गेस्ट हाउस में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मालवीय नगर में हुए हादसे में पीएम मोदी ने शोक जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया है और मुआवजे का भी एलान किया है। पीएम इंडिया के एक्स से पोस्ट किया गया है, ‘दिल्ली के मालवीय नगर में लगी आग में हुई जानमाल की हानि बेहद दुखद है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’
सुबह करीब 11 बजे तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई और 17 लोगों के घायल होने की बात सामने आई। बिल्डिंग के नीचे चल रहा था रेस्टोरेंट, जहां ली आग बिल्डिंग में फैल गई। कई लोग जान बचाने के लिए बिल्डिंग से नीचे कूदे।
मालवीय नगर के हौजरानी स्थित एक रेस्तरां में बुधवार सुबह आठ बजे आग लग गई। फायर ब्रिगेड के अनुसार, सुबह 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके बाद दमकल विभाग की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।