एबीपी नेटवर्क के खास कार्यक्रम ‘India @ 2047 Conclave’ का मंच तैयार है. इस कॉन्क्लेव में इकोनॉमी, इंडस्ट्री, सिनेमा और ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी कई हस्तियां शिरकत कर रही हैं. इस बार इस कॉन्क्लेव की थीम ‘बिल्डिंग भारत @ 2047’ है, जिसके तहत भारत की आजादी के 100वें वर्ष यानी 2047 तक देश को एक महाशक्ति बनाने के रोडमैप और विभिन्न चुनौतियों पर गहन चर्चा होगी.
इस कार्यक्रम में योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, अर्थशास्त्री सुरजीत सिंह भल्ला वैश्विक आर्थिक संकटों और सरकार के कदमों पर बात करेंगे. नीति आयोग की डिस्टिंग्विश्ड फेलो देबजानी घोष भी भविष्य के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अपनी बात रखेंगी.
एबीपी न्यूज के कार्यक्रम ‘India @ 2047 Conclave’ में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी भी होगी. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल बुनियादी जरूरतों पर, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू विमानन क्षेत्र के विकास पर, सर्बानंद सोनोवाल भारत की समुद्री और परिवहन लाइफलाइन को मजबूत करने पर अपनी बात रखेंगे. इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव भी शामिल होंगे.
राजनीति और नीति के अलावा कॉन्क्लेव में मनोरंजन और संस्कृति के दिग्गज भी नजर आएंगे. बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी, मशहूर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली भारत की सदियों पुरानी ‘कहानी संस्कृति’ के अतीत और भविष्य पर बात करेंगे.
इसके अलावा CEEW के संस्थापक डॉ अरुणाभा घोष, DP World Port की RTG ऑपरेटर एल. कार्तिका, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सेक्रेटरी डॉ. सौरभ गर्ग, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन (सीआरएफ) के प्रेसीडेंट शिशिर प्रियदर्शी, वेदांत एल्युमीनियम झारसुगुड़ा के हेड पोटलाइन 4 सिंधु पंद्रे एबीपी के इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.
पॉलिसी बदलाव के लिए डीप स्टेट कैसे हावी हो जाता है? इस सवाल पर सुरजीत सिंह भल्ला ने कहा कि कॉरपोरेट को अपने शेयर होल्डर्स को जवाब देना होता है, लेकिन ब्यूरोक्रेट्स को किसे जवाब देना है. ट्रेड एग्रीमेंट की पॉलिसी पर किससे बात करोगे. किसी भी भारतीय को ले लो, वो अगर बाहर जाता है तो वो सक्सेसफुल हो जाता है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होता ऐसा क्यों. टैलेंट पूल भी भारत के लिए बड़ा चैलेंज है.
सुरजीत सिंह भल्ला ने पूछा कि पॉलिसी में बदलाव क्यों नहीं होता है. भारत में अभी भी फ्रीबीज कल्चर है. हम सही पॉलिसी मेकर से सही सवाल नहीं करते हैं. इस फ्रीबीज रोकने की जरूरत है. 30 साल हो गए हैं ट्रेड एग्रीमेंट आज तक नहीं हुई. अमेरिका हमारा बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट पार्टनर है.
Source: IOCL
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