India-Pakistan Tension: क्या भारत के साथ नहीं है अमेरिका; जयशंकर-रुबियो के बयानों में क्यों हैं अंतर? – News18 Hindi

India-Pakistan Tension: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 हिंदुओं के नरसंहार के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल है. भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस हमले के दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा. इस कारण भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात बनते जा रहे हैं. इस बीच इस तनाव को कम करने के लिए अमेरिका ने भी अपना कदम बढ़ा दिया है. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बीती रात विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बात की. लेकिन, इस बातचीत के बाद जो बयान आए उससे यह सवाल उठने लगा है कि भारत और अमेरिका आतंकवाद के मसले खासकर पाकिस्तान से पनपे भारत विरोधी आतंकवाद को लेकर एक राय नहीं हैं.
जयशंकर और शरीफ से मार्को रुबियो की बातचीत के बाद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया. इसमें कहा गया है कि विदेश मंत्री ने भारत के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादी हमले में 26 लोगों के मारे जाने पर गहरा दुख जताया है. अमेरिका ने भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. अमेरिका भारत के साथ मिलकर आतंकवाद से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है.
तनाव कम करने की बात
इस बयान में आगे कहा गया कि रुबियो ने भारत को पाकिस्तान के साथ मिलकर तनाव कम करने और दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया है. उन्होंने दोनों देशों से संवाद के
जरिए क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ाने की बात कही.
इसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र है. शरीफ के साथ बातचीत में भी रुबियो ने पहलगाम हमले की निंदा की. इसकी जांच में सहयोग की जरूरत पर जोर दिया. उन्होंने शरीफ से भी तनाव कम करने और संयम बरतने की अपील की.
पाकिस्तान की नहीं की आलोचना
इस बयान में अमेरिका ने सीधे तौर पर पाकिस्तान की आलोचना नहीं की. हालांकि विदेश मंत्री रुबियो ने भारत के प्रति अपना समर्थन जताया. ऐसे में सवाल यह है कि वह ऐसा क्यों कर रहे हैं. वह खुलकर भारत के समर्थन और पाकिस्तान के विरोध में क्यों नहीं जा रहे हैं. क्या अमेरिका पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों की कीमत पर भारत का साथ नहीं देगा? शीत युद्ध के दौर और उसके बाद तालिबान के खिलाफ अमेरिका लड़ाई में पाकिस्तान अमेरिका का सहयोगी रहा है. लेकिन बदले हुए वक्त में अमेरिका और भारत के रिश्ते भी काफी मजबूत हुए हैं.
भारत का बयान
इस बीच रुबियो के साथ जयशंकर ने अपनी बातचीत के बाद एक्स पर संक्षिप्त पोस्ट डाला. इस पोस्ट के मुताबिक जयशंकर ने रुबियो से कहा कि इस हमले के अपराधियों, समर्थकों और साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए. जयशंकर ने इस पोस्ट में सीधे तौर पर पाकिस्तान का नाम नहीं लिया लेकिन यह स्पष्ट है कि इस हमले के लिए भारत पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठनों द रेसिस्टेंस फ्रंट और लश्कर ए तैयबा को जिम्मेदार मानता है.
दोनों बयानों का टोन और फोकस
अमेरिका का बयान स्पष्ट तौर पर भारत के साथ जाने की बजाय कूटनीतिक भाषा वाला है. इसमें फिलहाल के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करवाने की कोशिश दिखती है. वह स्पष्ट तौर पर किसी देश के साथ खड़ा या किसी के विरोध में नहीं जाना चाहता है. वहीं जयशंकर ने अपने पोस्ट में इस हमले के गुनहगारों को सजा देने की भारत की प्रतिबद्धता झलकती है.

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News