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डॉक्टरों के पास हर दिन ऐसे कई मरीज आते हैं जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ रहता है. इनमें से कुछ का सवाल होता है कि उनकी डाइट अच्छी है, रोज एक्सरसाइज भी करते हैं फिर भी कोलेस्ट्रॉल कम क्यों नहीं होता है? इस सवाल का जवाब डॉक्टरों ने दिया है. इस बारे में जानने के लिए हमने कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) अनिल ढल और डॉ तरुण कुमार से बातचीत की है. डॉक्टरों ने बताया है कि कुछ लोगों में क्यों कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है और इसके असली कारण क्या हैं.
डॉ. अनिल ढल बताते हैं कि इस बात को समझने के लिए हमें अपने शरीर में कोलेस्ट्रॉल के डिस्ट्रीब्यूशन और प्रोडक्शन पैटर्न को समझना होगा. असल में हमारे शरीर में जितना कोलेस्ट्रॉल है, उसका करीब 25 प्रतिशत ही हमारे खानपान से आता है. बाकी ज्यादातर कोलेस्ट्रॉल ऑर्गन सिस्टम खुद ही बनाते हैं. इसमें सबसे ज्यादा कोलेस्ट्रॉल लिवर बनाता है. यह प्रक्रिया शरीर में चलती रहती है. ऐसा इसलिए क्योंकिशरीर को कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है, हेल्दी सेल्स बनाने में इसकी बहुत जरूरत पड़ती है.
डॉ ढल कहते हैं कि कुछ लोगों में जेनेटिक तौर पर ज्यादा कोलेस्ट्रॉल बनने की समस्या रहती है. ऐसा तब होता है जब आप पारिवारिक हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (FH) ना की एक जेनेटिक समस्या के साथ पैदा होते हैं. इसमें आमतौर पर एक खास जीन में परिवर्तन होते हैं. इससे हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया हो जाता है. इस वजह से कोलेस्ट्रॉल जन्म के समय ही हाई हो जाता है. जो अधिकतर समय बढ़ा हुआ ही रहता है .फिर भले ही कोई व्यक्ति खानपान का ध्यान रखें या रोज एक्सरसाइज क्यों न करें कोलेस्ट्रॉल तय मानक से ज्यादा ही मिलता है.
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मानसिक तनाव भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का है कारण
डॉ. अनिल बताते हैं कि मेंटल स्ट्रेस भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का एक कारण है. शरीर में स्ट्रेस हॉर्मोन कॉर्टिसोल बनता है. यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देता है. यह धीरे-धीरे खून में पहुंचता है और प्लेक का निर्माण कर देता है. इसके अलावा एक और प्रक्रिया से भी खून में कोलेस्ट्रॉल पहुंचने लगता है. दरअसल. लिवर कोलेस्ट्रॉल को बाइल एसिड में बदल देता है. कुछ गट बैक्टीरिया में ऐसा एंजाइम होता है, जो इस प्रक्रिया को रिवर्स कर देता है. ऐसे में बाइल एसिड बनने और वेस्ट के रूप में शरीर से बाहर निकलने के बजाय कोलेस्ट्रॉल फिर से खून में पहुंच जाता है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि सिर्फ आपकी डाइट ही कोलेस्ट्रॉल के बनने या बढ़ने में बहुत ज्यादा भूमिका नहीं निभाती है.
कैसे पता चले कि जेनेटिक की वजह से बढ़ जाता है कोलेस्ट्रॉल
इस बारे में मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल में कार्डियोलॉजी विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ तरुण कुमार ने बताया है. डॉ तरुण कहते हैं कि अगर आप एक्सरसाइज करते हैं खानपान अच्छा है फिर भी टोटल कोलेस्ट्रॉल 200 mg/dl से ज्यादा रहता है तो हो सकता है कि ये जेनेटिक कारणों से बढ़ा हुआ है. इसके लिए यह जरूरी है कि आप अपने परिवार कि मेडिकल हिस्ट्री का ध्यान रखें. अगर माता- पिता का भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ा रहता है तो फिर अपना भी लिपिड पैनल टेस्ट करवाएं . यह टेस्ट 9 से 11 साल की उम्र के बीच शुरू होना चाहिए, लेकिन बाद में भी इसको करा सकते हैं. लेकिन ये जितना जल्द हो जाए उतनी जल्दी ही इसको कंट्रोल करने के कदम उठाए जा सकते हैं.
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तो फिर कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल कैसे होगा?
डॉ तरुण बताते हैं कि कोलेस्ट्रॉल अगर जेनेटिक कारणों से बढ़ा रहता है तो फिर ऐसे मामलों में आपको दवा की जरूरत होगी. डॉक्टर की सलाह पर आप दवाएं शुरू कर सकते हैं. इसके साथ ही डाइट भी अच्छी रखें ही और एक्सरसाइज करें.
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