एआई खुशी चैटबॉट पर मिलेगा टीबी रोग के हर सवाल का जवाब – Live Hindustan

बस्ती, हरिशंकर त्रिपाठी। टीबी रोगियों की सहायता और टीबी से जुड़ी जानकारी को आसान बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने ‘टीबी मुक्त भारत’ नाम से एक महत्वपूर्ण मोबाइल एप लॉन्च किया है। यह एप मरीजों को समय पर दवा लेने की याद दिलाने के साथ-साथ पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराएगा।
इस एप की सबसे खास विशेषता इसका एआई आधारित ‘खुशी’ चैटबॉट है, जो टीबी से जुड़े सवालों का तुरंत जवाब देगा। यह चैटबॉट मरीजों को दैनिक रिमाइंडर भी भेजेगा, जिससे वे अपनी दवाएं समय पर ले सकें। जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. एके गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा हाल ही में यह ‘टीबी मुक्त भारत’ एप लॉन्च किया गया है। इसे मोबाइल फोन में आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। यह एप टीबी मरीजों, उनके परिजनों और समाज के बीच की दूरी को कम करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। एप में मौजूद एआई आधारित ‘खुशी’ चैटबॉट एक डिजिटल साथी की तरह काम करेगा। अक्सर मरीज समय पर दवा लेना भूल जाते हैं, ऐसे में यह एप उन्हें दवा लेने का समय याद दिलाएगा। साथ ही टीबी के निदान, इलाज और सावधानियों से जुड़ी किसी भी जानकारी का तुरंत उत्तर उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा यह एप मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों, जैसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर आदि का पता लगाने में भी मदद करेगा।
टीबी मुक्त भारत एप टीबी रोगियों और टीबी रोग के बारे में जानने के लिए बहुत ही महत्पूर्ण है। इसके जरिए टीबी रोग से जुड़े हर सवाल का जवाब आसानी से मिल सकेगा। इस एप को अधिक से अधिक लोग डाउनलोड करें। गूगल प्ले स्टोर से इसे मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। इसके जरिए लोग निक्षय मित्र और वालंटियर भी बन सकते हैं। लोगों से अपील है कि अधिक से अधिक लोग इस एप को डाउनलोड कर इससे जुड़ें।
– डॉ. एके गुप्ता, जिला क्षयरोग अधिकारी
टीबी मुक्त भारत एप के जरिए यदि किसी को टीबी रोगी को गोद लेना है या उसे पोषण पोटली देनी है। इसके लिए यह एप निक्षय मित्र भी बनाएगा। किसी को निक्षय मित्र बनना है तो वह इस एप को डाउनलोड कर उसके निक्षय मित्र के रूप में अपना रजिस्ट्रेशन कर सकता है। रजिस्ट्रेशन के बाद विभागीय अफसर उसको अप्रूव करेंगे। जिसके बाद संबंधित व्यक्ति निक्षय मित्र के रूप में जुड़ जाएगा।
टीबी मुक्त भारत एप के जरिए वालंटियर भी बना जा सकता है। एप डाउनलोड करने के बाद संबंधित व्यक्ति को वालंटियर के रूप में रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद वह एप के जरिए अपने नजदीकी टीबी रोगी की कई तरह से मदद कर सकता है।
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