'वेनेजुएला को अमेरिका चलाएगा,' डॉनल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, तनाव पर भारत ने दी पहली प्रतिक्रिया | The Lallantop – The Lallantop

"हम तब तक देश चलाएंगे जब तक हम एक सुरक्षित, सही और सोच-समझकर सत्ता का बदलाव नहीं कर देते." इस ऐलान के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दावा कर दिया है कि वेनेजुएला को अब अमेरिका चलाएगा. लेकिन कब तक? ट्रंप के बयान पर गौर करें तो यह वेनेजुएला को लेकर उनका 'अनिश्चितकालीन कब्जा' प्लान है. कोई टाइम-लिमिट नहीं, वेनेजुएला चलाने का कोई साफ ब्लूप्रिंट नहीं. अभी तक केवल मीडिया के सामने ट्रंप के दावे और उनकी सेना की गिरफ्त में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस हैं.
शनिवार, 3 जनवरी 2025 को अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस पर धावा बोला. अमेरिकी सेना ने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को उनकी ही मांद से उठाकर गिरफ्तार कर लिया. दी गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मिलिट्री ऑपरेशन को अमेरिका के 150 से ज्यादा एयरक्राफ्ट और स्पेशल ऑपरेशंस टीम ने अंजाम दिया.
3 जनवरी को ही फ्लोरिडा के पाम बीच में अपने मार-ए-लागो घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉनल्ड ट्रंप ने इस मिशन को पूरी तरह कामयाब बताया. उन्होंने दावा किया कि मादुरो के खिलाफ ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक की जान नहीं गई. हालांकि, अमेरिका ने अपने एक एयरक्राफ्ट को नुकसान पुहंचने की बात जरूर कबूल की है. इसके अलावा, CBS न्यूज की रिपोर्ट में कुछ अमेरिकों सैनिकों के घायल होने की भी खबर है. 
अमेरिका-वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव पर भारत ने भी पहली प्रतिक्रिया दी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने 3 जनवरी को जारी एक बयान में कहा,
"वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचें.
सभी भारतीय जो किसी भी कारण से वेनेजुएला में हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे बहुत सावधानी बरतें, अपनी आवाजाही सीमित रखें और काराकस में भारतीय दूतावास से उनकी ईमेल आईडी: cons.caracas@mea.gov.in या इमरजेंसी फोन नंबर +58-412-9584288 (वॉट्सऐप कॉल के लिए भी) के जरिए संपर्क में रहें."

ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर लौटते हैं. वेनेजुएला चलाने के दावे के बीच वेनेजुएला के तेल भंडार पर ट्रंप की बिगड़ती नीयत किसी से छिपी नहीं. क्योंकि उन्होंने छिपाई ही नहीं. ट्रंप ने खुलकर अपनी चाहत का इजहार किया.
उन्होंने बताया कि कैसे अमेरिका वेनेजुएला के अकूत तेल भंडार पर 'कब्जा' करके खूब पैसा बनाएगा. दरअसल, बातों ही बातों में बात वेनेजुएला चलाने से निकलर वेनेजुएला के तेल पर कब्जा जमाने पर आ गई. ट्रंप ने पक्का इरादा जताते हुए कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी.
"… Extraordinary images out of New York, where Nicolás Maduro has now arrived in the United States, expected to be arraigned in the coming days." pic.twitter.com/xPYYTkvHgX

वहीं, निकोलस मादुरो को बंदी बनाए के बाद चर्चा चली कि 2025 नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को वेनेजुएला की बागडोर दी जा सकती है. लेकिन ट्रंप ने उन्हें भी बड़ा झटका दे दिया.
मादुरो के पकड़े जाने से मन ही मन खुश मचाडो का सपना उस वक्त जरूर टूटा होगा, जब ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
“मुझे लगता है कि उनके (मारिया कोरिना मचाडो) लिए नेता (वेनेजुएला का प्रेसिडेंट) बनना बहुत मुश्किल होगा. उन्हें देश के अंदर ना तो सपोर्ट है और ना ही सम्मान मिलता है.”

माने ट्रंप की तरफ से मचाडो का पत्ता लगभग साफ हो गया है. वहीं, मादुरो की गैर-मौजूदगी में वेनेजुएला की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिग्ज अंतरिम राष्ट्रपति बन गई हैं. ट्रंप ने भी कहा कि रोड्रिग्ज को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई गई है. इसके बावजूद रोड्रिग्ज ने साफ तौर पर कहा,
"वेनेजुएला में सिर्फ एक राष्ट्रपति है, और उनका नाम निकोलस मादुरो है."

डेल्सी रोड्रिग्ज का बयान ट्रंप के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि रोड्रिग्ज ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से बात की है. ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला की नेता अमेरिका की मांग के मुताबिक काम करने के लिए राजी हैं. ट्रंप ने कहा,
"मार्को सीधे इस पर काम कर रहे हैं. अभी-अभी उनसे (डेल्सी रोड्रिग्ज) बात हुई है और वे मूल रूप से वही करने को तैयार हैं जो हमें लगता है कि वेनेजुएला को फिर से महान बनाने के लिए जरूरी है."

हालांकि, बाद में डेल्सी रोड्रिग्ज ने ट्रंप के सभी दावों को नकार दिया. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, रोड्रिग्ज ने कहा,
"हमारे वेनेजुएला के लिए, हमारे लोगों के लिए: यहां साफ तौर पर एक  सरकार है… वेनेजुएला सम्मानजनक और कानूनी बातचीत के लिए तैयार है."

उन्होंने अमेरिकी हमले की निंदा की और इसे ‘बर्बर साम्राज्यवादी हमला’ करार दिया. उन्होंने बताया कि देश की रक्षा परिषद को 'एक्टिवेट' कर दिया गया है. उनके मुताबिक,आने वाले घंटों में सरकार की ओर से और जवाब की उम्मीद की जा सकती है. उन्होंने अमेरिका से मादुरो और उनकी पत्नी की तुरंत रिहाई की भी मांग की.
🇺🇸 pic.twitter.com/smJU0ZAFxe

इस बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूएस जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ (CJCS) के चेयरमैन जनरल डैन केन ने वेनेजुएला पर हुए अमेरिकी मिलिट्री ऑपरेशन का पूरा किस्सा बताया,
"रात भर वेस्टर्न हेमिस्फेयर में जमीन और समुद्र पर 20 अलग-अलग बेस से एयरक्राफ्ट लॉन्च होने लगे. कुल मिलाकर, 150 से ज्यादा एयरक्राफ्ट, बॉम्बर, फाइटर, इंटेलिजेंस, टोही, सर्विलांस, रोटरी विंग कल रात हवा में थे. हजारों-हजारों घंटों का अनुभव हवा में था. हमारा सबसे छोटा क्रू मेंबर 20 साल का था और सबसे बूढ़ा क्रू मेंबर 49 साल का था. और वे अमेरिकी मिलिट्री ताकत का मुकाबला नहीं कर सकते. जैसे ही रात शुरू हुई, हेलीकॉप्टर ने एक्सट्रैक्शन फोर्स के साथ उड़ान भरी, जिसमें लॉ एनफोर्समेंट ऑफिसर शामिल थे, और पानी से 100 फीट ऊपर वेनेजुएला में अपनी उड़ान शुरू की.
जैसे ही वे वेनेजुएला के तटों के पास पहुंचे, यूनाइटेड स्टेट्स ने स्पेसकॉम, साइबरकॉम और इंटर एजेंसी के दूसरे सदस्यों द्वारा दिए गए अलग-अलग इफेक्ट्स की लेयरिंग शुरू कर दी ताकि ऊपर एक रास्ता बनाया जा सके. उन फोर्स को यूनाइटेड स्टेट्स मरीन, यूनाइटेड स्टेट्स नेवी, यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स और एयर नेशनल गार्ड के एयरक्राफ्ट से सुरक्षा मिली हुई थी. फोर्स में F-22s, F-35s, F-18s, EA18s, E2s, B1 बॉम्बर्स और दूसरे सपोर्ट एयरक्राफ्ट के साथ-साथ कई रिमोट से चलने वाले ड्रोन भी शामिल थे.
जैसे ही फोर्स काराकस के पास पहुंचने लगी, जॉइंट एयर कंपोनेंट ने वेनेजुएला में एयर डिफेंस सिस्टम को हटाना और डिसेबल करना शुरू कर दिया, और टारगेट एरिया में हेलीकॉप्टरों की सुरक्षित पहुंच पक्का करने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया. हमारे एयर कंपोनेंट का मकसद था, है और हमेशा रहेगा कि हेलीकॉप्टरों और ग्राउंड फोर्स की रक्षा की जाए और उन्हें टारगेट तक पहुंचाकर वापस घर पहुंचाया जाए. जैसे ही फोर्स ने ऊंचे इलाके के आखिरी पॉइंट को पार किया जहां वे भीड़-भाड़ में छिपे हुए थे, हमने देखा कि हमने पूरी तरह से सरप्राइज का एलिमेंट बनाए रखा था.
जैसे ही हेलीकॉप्टर फोर्स लो लेवल पर ऑब्जेक्टिव की ओर बढ़ी, हम सुबह (10:01 बजे ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम) मादुरो के कंपाउंड पहुंचे. और पकड़ने वाली फोर्स मादुरो के कंपाउंड में उतरी और तेजी, सटीकता और अनुशासन के साथ अपने मकसद की ओर बढ़ी और आरोपी लोगों को पकड़ते समय ग्राउंड फोर्स की सुरक्षा पक्का करने के लिए इलाके को अलग कर दिया. टारगेट एरिया में पहुंचने पर, हेलीकॉप्टरों पर फायरिंग हुई और उन्होंने खुद के बचाव में जबरदस्त ताकत से जवाब दिया.
हमारा एक एयरक्राफ्ट हिट हुआ लेकिन उड़ने लायक रहा. और जैसा कि प्रेसिडेंट ने आज पहले कहा था, हमारे सभी एयरक्राफ्ट वापस आ गए और वह एयरक्राफ्ट बाकी मिशन के दौरान उड़ने लायक रहा. जैसे-जैसे कंपाउंड में ऑपरेशन आगे बढ़ा, हमारी एयर और ग्राउंड इंटेलिजेंस टीमों ने ग्राउंड फोर्स को रियलटाइम अपडेट दिए, जिससे यह पक्का हुआ कि वे फोर्स बिना किसी गैर-जरूरी रिस्क के मुश्किल माहौल में सुरक्षित रूप से घूम सकें.
फोर्स ओवरहेड टैक्टिकल एविएशन से सुरक्षित रही. मादुरो और उनकी पत्नी, दोनों पर आरोप थे. उन्होंने हार मान ली और उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस ने हिरासत में ले लिया, जिसमें हमारी अविश्वसनीय US मिलिट्री ने प्रोफेशनलिज्म और सटीकता के साथ मदद की, जिसमें किसी भी अमेरिकी जान का कोई नुकसान नहीं हुआ. आरोपी लोगों को पकड़ने के बाद फोर्स ने जाने की तैयारी शुरू कर दी.
एक्सट्रैक्शन फोर्स को निकालने के लिए हेलीकॉप्टर बुलाए गए, जबकि फाइटर एयरक्राफ्ट और रिमोट से चलने वाले एयरक्राफ्ट ने ओवरहेड कवरेज और सप्रेसिव फायर दिया. जब फोर्स वेनेजुएला से बाहर निकलने लगी तो कई सेल्फ-डिफेंस इंगेजमेंट हुए. फोर्स सफलतापूर्वक निकल गई और अपने लॉन्च बेस पर लौट आई. और फोर्स सुबह (3:29 बजे ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम) आरोपियों के साथ पानी के ऊपर थी. और मादुरो और उनकी पत्नी दोनों USS Iwo Jima (अमेरिकी वॉर शिप) पर सवार थे."
"At my direction, the U.S. Armed Forces conducted an extraordinary military operation in the capital of Venezuela…This was one of the most stunning, effective, and powerful displays of American military might and competence in American history." – PRESIDENT DONALD J. TRUMP 🇺🇸 pic.twitter.com/QibvrRKsSv

डॉनल्ड ट्रंप की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 बड़ी बातें
1. अमेरिका वेनेजुएला को 'चलाएगा': ट्रंप ने कहा कि अमेरिका तब तक वेनेजुएला को 'चलाएगा' जब तक सत्ता का 'एक सुरक्षित, सही और समझदारी भरा बदलाव' नहीं हो जाता. उनसे पूछा गया कि अमेरिका यह सब कैसे करेगा, लेकिन उन्होंने कोई डिटेल नहीं दी.
2. तेल इंफ्रास्ट्रक्चर: उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला में जाकर उसके तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करेंगी. इससे अमेरिका को कमाई होगी. ट्रंप ने कहा कि ऐसा करके अमेरिका लंबे समय से उठाए गए नुकसान की भरपाई करेगा. ट्रंप ने कहा,
"हम ऐसे देशों से घिरे रहना चाहते हैं जो दुनिया भर में हमारे सभी दुश्मनों को पनाह ना दे रहे हों. यही हो रहा था. और आप ऐसा नहीं चाहते. लेकिन हम फिर से बनाने जा रहे हैं और हम पैसा खर्च नहीं कर रहे हैं.
तेल कंपनियां अंदर जाएंगी. वे पैसा खर्च करेंगी. वे करेंगी. हम वो तेल वापस लेंगे, जो सच कहूं तो हमें बहुत पहले वापस ले लेना चाहिए था. जमीन से बहुत सारा पैसा निकल रहा है. सब चीज की भरपाई होगी. हम जो कुछ भी खर्च करेंगे, सबकी भरपाई होगी."

3. अमेरिका दूसरे हमले के लिए तैयार: उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला पर दूसरा हमला करने के लिए तैयार है, जो बहुत बड़ा होगा. ट्रंप ने कहा कि शायद अब इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी.
4. पार्टनरशिप: ट्रंप ने अमेरिका और वेनेजुएला के बीच एक 'पार्टनरशिप' की बात की, जिससे उनके मुताबिक वेनेजुएला के लोग 'अमीर, आजाद और सुरक्षित' बनेंगे. उन्होंने मादुरो को 'अवैध तानाशाह' करार दिया.
5. आगे क्या?: अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को ड्रग तस्करी से जुड़े आरोपों का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है. हालांकि, मादुरो पहले भी ड्रग कार्टेल का लीडर होने से इनकार कर चुके हैं.
वीडियो: दुनियादारी: ट्रंप ने बताया वेनेजुएला पर अमेरिका का 'कब्जा' कब तक रहेगा?
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