Bareily News: नए पाठ्यक्रमों को मिली मंजूरी, डिग्रियों पर इंडिया की जगह लिखा जाएगा ‘भारत’ – Hindustan

Bareily News: एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय की अध्यक्षता में विद्या परिषद की बैठक हुई। इसमें एनईपी-2020 के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू करने, परीक्षा प्रणाली में बदलाव, पुस्तकालय के आधुनिकीकरण और शोध को बढ़ावा देने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। विश्वविद्यालय की उपाधियों और शैक्षणिक प्रमाणपत्रों पर इंडिया के स्थान पर भारत लिखने के प्रस्ताव को भी अनुमोदन दिया गया। ऐसा करने वाला यह प्रदेश का पहला विश्वविद्यालय बनेगा। बैठक में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम के चौथे वर्ष के लिए ऑनर्स और ऑनर्स विद रिसर्च के संशोधित पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी गई। संस्कृत, उर्दू, अंग्रेजी, संगीत, जंतु विज्ञान, गृह विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, वाणिज्य और अन्य विषयों के पाठ्यक्रमों में बदलाव किए जाएंगे। बीएड की मूल्यांकन व्यवस्था में भी संशोधन किया गया है। अब विद्यार्थियों का मूल्यांकन 70 प्रतिशत बाहरी और 30 प्रतिशत आंतरिक अंकों के आधार पर होगा। एमएससी के पादप विज्ञान, माइक्रोबायोलॉजी और एनीमल साइंस पाठ्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शामिल करने की मंजूरी दी गई। बैठक में संकायों की पुनर्संरचना, भूगर्भ विज्ञान को स्नातक स्तर पर शामिल करने और कृषि पाठ्यक्रमों में एआई के उपयोग पर भी सहमति बनी। कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने कहा कि स्वीकृत प्रस्तावों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। बैठक में कुलसचिव महेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक अनिल कुमार यादव, डीन एकेडमिक प्रो. एसके पांडेय, विभिन्न संकायों के डीन और महाविद्यालयों के प्राचार्य सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
पत्रकारिता और रोजगारपरक पाठ्यक्रम को मंजूरी
विश्वविद्यालय में स्नातक और परास्नातक स्तर पर पत्रकारिता एवं जनसंचार के नए पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी दी गई। बीटेक (एआई), इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कृषि अभियांत्रिकी, एग्री-बिजनेस मैनेजमेंट और फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी से जुड़े पाठ्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया जाएगा। एविएशन सेक्टर के प्रतिष्ठित संस्थान फ्लाई ओला के पाठ्यक्रमों को शुरू करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
2027-28 से परीक्षा प्रणाली में बदलाव
कई स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों को वार्षिक परीक्षा प्रणाली से सेमेस्टर प्रणाली में बदलने पर विचार किया गया। बीटेक प्रथम वर्ष और एमटेक (सीएसआईटी) के पाठ्यक्रम ढांचे में संशोधन को शैक्षिक सत्र 2027-28 से लागू करने पर सहमति बनी। उप-संकायों के अंतर्गत स्थापित स्कूलों के निदेशकों की नियुक्ति और नियमावली निर्माण पर भी विचार किया। संघटक महाविद्यालयों के संचालन हेतु समिति द्वारा संस्तुत नियमावली को अनुमोदन के लिए रखा गया।
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