Under-14 cricket team’s selection: जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में खेलों को लेकर एक और बड़ा विवाद सामने आया है. 69वें नेशनल स्कूल गेम्स के तहत अंडर-14 क्रिकेट टीम की चयन सूची ने सियासी और सामाजिक हलकों में नाराज़गी बढ़ा दी है. बीजेपी ने उमर अब्दुल्ला सरकार और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोशिएसन (JKCA) दोनों के कामकाज पर सवाल उठाए हैं.
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Under-14 cricket team’s selection raises eyebrows: संतोष ट्रॉफी विवाद के बाद अब जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में खेलों को लेकर एक और बड़ा विवाद सामने आया है. 69वें नेशनल स्कूल गेम्स के तहत अंडर-14 क्रिकेट टीम की चयन सूची ने एक बार फिर से सियासी और सामाजिक हलकों में नाराजगी बढ़ा दी है. जारी सूची के मुताबिक 16 खिलाड़ियों में से 13 का चयन कश्मीर संभाग से वहीं जम्मू संभाग से मात्र तीन खिलाड़ियों को जगह मिली. इस चयन को लेकर जम्मू संभाग के लोगों और खेल प्रेमियों ने कड़ा विरोध जताया है. उनका आरोप है कि जम्मू के साथ एक बार फिर बड़े पैमाने पर भेदभाव हुआ है.
चयन प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं?
युवा राजपूत सभा के प्रधान मंदीप सिंह ने कहा कि हर बार जम्मू के साथ सरकार द्वारा भेदभाव किया जाता रहा है और मौजूदा चयन सूची उसी सोच को दर्शाती है. उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर जम्मू और कश्मीर के बीच दूरियां पैदा की जा रही हैं और चयन प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है.
गंभीर चिंता का विषय
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष अरुण प्रभात ने चयन प्रकिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उमर अब्दुल्ला सरकार ने फिर से पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है. उन्होंने आरोप लगाया, ‘कश्मीर से 13 और जम्मू से 3 खिलाड़ी चुना जाना गंभीर चिंता का विषय है. मैं अंडर 14 टीम की चयन प्रकिया की निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं क्योंकि ऐसा करना दोनों संभागों को बांटने की वो सियाली चाल है जो पहले भी नेशनल कॉन्फ्रेंस की उमर अब्दुल्लाह की अगुवाई वाली सरकारों के दौरान देखने को मिल चुकी है’.
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JKCA में सब ठीक नहीं!
आपको बताते चलें कि पहले भी ऐसे आरोप लगते रहें हैं. इससे साफ होता है कि जम्मू और कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) में सब कुछ ठीक नहीं है, क्योंकि अंडर-14 क्रिकेट टीम के सिलेक्शन प्रोसेस के दौरान एक बार फिर भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोप लग रहे हैं.
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले फरवरी, 2019 में इस मामले में बहुत तूल पकड़ा था. तब भी आरोप लगा था कि सिलेक्टर्स ने टैलेंट को नजरअंदाज करके ब्यूरोक्रेट्स, पुलिस अधिकारियों और दूसरे प्रभावशाली लोगों के बच्चों को मौका दिया.
2019 में ट्रायल्स की कोई वीडियो रिकॉर्डिंग तक नहीं मिली थी
तब आरोप लगे थे कि एक ज़्यादा उम्र के लड़के (14 साल के ऊपर) को, जो एक पुलिस अधिकारी का बेटा है, जाली जन्म प्रमाण पत्र जमा करने के बाद सिलेक्ट किया गया. इसके अलावा, एक और लड़का जिसे सिलेक्ट किया गया है, वह एक सीनियर ब्यूरोक्रेट का बेटा है.
जवाब चाहिए तो लगाओ आरटीआई: JKCA
दिलचस्प बात यह है कि ट्रायल्स की कोई वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिली थी. इसके अलावा एक लड़के के पिता ने कहा कि टीम की फाइनल सिलेक्शन लिस्ट पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि लिस्ट आखिरी समय में जारी की गई जब कोई आपत्ति दर्ज नहीं करा सकता था.
सिलेक्शन प्रॉसेस के बारे में पूछे जाने पर, JKCA अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया. एक सीनियर JKCA अधिकारी ने कहा, जब ऐसे कोई नियम नहीं हैं तो हम आपको डिटेल्स क्यों दें? अगर आप चाहते हैं, तो RTI एप्लीकेशन फाइल करें तब आपको जवाब दिया जाएगा.
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श्वेतांक रत्नाम्बर पत्रकारिता जगत में 21 साल से ज्यादा का अनुभव रखते हैं. देश-दुनिया की ख़बरों को आसान भाषा में बताने में महारत रखने वाले श्वेतांक को राजनीतिक और अंतर्राष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ है…और पढ़ें
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