नूंह के बझेड़ा हेल्थ सब-सेंटर पर लटका ताला: ग्रामीण बोले-CHO दो दिन 2 घंटे आते हैं; मेडिकल ऑफिसर ने जांच का… – Dainik Bhaskar

नूंह जिले के बझेड़ा गांव में ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में स्वास्थ्य सब सेंटर अक्सर बंद रहता है, जिससे उन्हें इलाज के लिए झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। यह सब सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उजीना के अधीन आता है। ग्रामीणों का आरोप है
ग्रामीणों के अनुसार, बझेड़ा सब सेंटर पर एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) डॉ. धर्मेंद्र और एक एएनएम तैनात हैं। आरोप है कि डॉ. धर्मेंद्र सप्ताह में केवल दो दिन कुछ घंटों के लिए ही आते हैं, जबकि बाकी दिनों में स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लगा रहता है।
झोलाछाप डॉक्टरों से कराना पड़ता है इलाज
यह स्वास्थ्य सब सेंटर केवल बझेड़ा ही नहीं, बल्कि देवला नंगली, भोपावली और सुल्तापुर जैसे आसपास के कई गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। केंद्र बंद होने की स्थिति में इन गांवों के निवासियों को मजबूरी में झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज कराना पड़ता है।
मेडिकल ऑफिसर कराएंगी जांच
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उजीना की मेडिकल ऑफिसर निशा यादव ने इस संबंध में बताया कि बझेड़ा सब सेंटर पर डॉ. धर्मेंद्र (सीएचओ) और एक एएनएम कार्यरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एएनएम की ड्यूटी फील्ड में होती है, जबकि डॉक्टर को स्वास्थ्य केंद्र पर उपस्थित रहकर मरीजों को सेवाएं देनी होती हैं।
डॉ. यादव ने आश्वासन दिया कि यदि ग्रामीणों के आरोप सही पाए जाते हैं और डॉक्टर की अनुपस्थिति पाई जाती है, तो मामले की जांच कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
ग्रामीणों की डॉक्टर की नियमित उपस्थिति की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि बझेड़ा स्वास्थ्य सब सेंटर पर डॉक्टर की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि इससे लोगों को समय पर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा और उन्हें झोलाछाप डॉक्टरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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